लिविंग रूम वास्तु
रसोई वास्तु
शयनकक्ष वास्तु
बाथरूम वास्तु
पूजा कक्ष वास्तु
लिविंग रूम वास्तु
रसोई वास्तु
शयनकक्ष वास्तु
बाथरूम वास्तु
पूजा कक्ष वास्तुपूरा घर ठीक कीजिए — कमरे-दर-कमरे
एक सामान्य वास्तु किताब हर कमरे को दो लाइनों में निपटा देती है। यहाँ घर के हर मुख्य कक्ष के लिए एक पूरी अलग पुस्तक है — दिशा, स्थान, रंग, गलतियाँ और बिना तोड़-फोड़ वाले उपाय सहित।
वास्तु सबने सुना है — पर अपने घर पर लागू कोई नहीं कर पाता
"रसोई आग्नेय में होनी चाहिए" — ये तो सब जानते हैं। पर आपकी रसोई पहले से बन चुकी है, तब क्या करें? यही वो जगह है जहाँ हर सामान्य वास्तु किताब चुप हो जाती है।
हर किताब में एक ही बात, दो लाइनों में
सामान्य वास्तु पुस्तकें पूरे घर को 20 पन्नों में निपटा देती हैं। हर कमरे को उतना ही मिलता है जितना एक पैराग्राफ़।
"दीवार तुड़वा दीजिए" — यही समाधान?
यही डर सबको रोकता है। जबकि अधिकांश दोष बिना एक ईंट हिलाए, सिर्फ़ स्थान और दिशा बदलकर ठीक हो जाते हैं।
फ्लैट में वास्तु लागू ही नहीं होता?
ये सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है। आज के अधिकांश घर फ्लैट हैं — और उनके लिए अलग तरीक़ा चाहिए, न कि बहाना।
नींद नहीं आती, थकान बनी रहती है
पलंग की दिशा, सिर की स्थिति और कमरे का ऊर्जा प्रवाह — नींद की गुणवत्ता सीधे इनसे जुड़ी है।
रसोई में अग्नि और जल की टकराहट
चूल्हा और सिंक पास-पास — ये सबसे आम दोष है और सबसे ज़्यादा अनदेखा किया जाता है।
बाथरूम — सबसे उपेक्षित कमरा
ज़्यादातर लोग यहाँ ध्यान ही नहीं देते, जबकि नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत यही बन सकता है।
"घर एक इकाई नहीं, पाँच अलग ऊर्जा क्षेत्रों का जोड़ है। हर कक्ष का अपना तत्व, अपनी दिशा और अपना नियम होता है।"
पाँच पुस्तकें। पाँच कक्ष। एक संपूर्ण घर।
हर कक्ष की अपनी पूरी पुस्तक — क्योंकि रसोई का नियम शयनकक्ष पर लागू नहीं होता, और पूजा कक्ष का बाथरूम पर।

लिविंग रूम वास्तु
- बैठक की सही दिशा — घर के किस भाग में होनी चाहिए और क्यों
- बैठने की व्यवस्था — मुखिया, अतिथि और परिवार का स्थान
- फर्नीचर और भारी वस्तुओं का स्थान — ऊर्जा प्रवाह के अनुसार
- रंग, प्रकाश और सजावट — दिशा अनुसार सही चयन
- दर्पण, घड़ी और चित्र — कहाँ लगाएँ, कहाँ बिल्कुल नहीं
- आम गलतियाँ और उनके सरल सुधार

रसोई वास्तु
- रसोई की आदर्श दिशा — आग्नेय कोण का वैज्ञानिक आधार
- चूल्हे की दिशा और मुख — खाना बनाते समय किस ओर मुँह
- अग्नि और जल का टकराव — चूल्हा, सिंक और फ्रिज का सही स्थान
- भंडारण और अनाज का स्थान — समृद्धि से सीधा संबंध
- रंग, वेंटिलेशन और प्रकाश
- गलत दिशा की रसोई के उपाय — बिना तोड़-फोड़ के समाधान

शयनकक्ष वास्तु
- शयनकक्ष की दिशा — मुखिया, दंपत्ति, बच्चों और अतिथि के लिए अलग
- पलंग की स्थिति और सिर की दिशा — नींद की गुणवत्ता का मूल
- दर्पण की स्थिति — सबसे आम और सबसे हानिकारक गलती
- अलमारी, तिजोरी और भारी सामान — सही कोण
- रंग और प्रकाश — मानसिक शांति के अनुसार
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण — क्या रखें, क्या हटाएँ

बाथरूम वास्तु
- शौचालय और स्नानघर की सही दिशा
- जल निकास की दिशा — ऊर्जा और धन से संबंध
- दरवाज़े की स्थिति — किस कक्ष के सामने नहीं होना चाहिए
- नमी और दुर्गंध — नकारात्मक ऊर्जा का सीधा कारण
- रंग, नल और फिटिंग — छोटे बदलाव, बड़ा असर
- गलत दिशा में बने बाथरूम के उपाय

पूजा कक्ष वास्तु
- पूजा स्थान की आदर्श दिशा — ईशान कोण का महत्व
- मूर्ति और चित्र स्थापना — दिशा, ऊँचाई और क्रम के नियम
- पूजा करते समय मुख की दिशा
- दीपक, धूप और जल का स्थान
- क्या रखें और क्या हटाएँ — खंडित मूर्तियाँ, पुरानी सामग्री
- फ्लैट में पूजा स्थान — जगह कम हो तब क्या करें
पाँचों पुस्तकें आज ही पाइए
सॉफ्ट कॉपी सिर्फ़ ₹299 में — या छपा हुआ सेट मँगवाइए, सॉफ्ट कॉपी मुफ़्त।
देखिए अंदर वास्तव में क्या है
ये पाँचों पुस्तकों के असली पृष्ठ हैं — वही चित्र, दिशा-चार्ट और उपाय जो आपको मिलेंगे।





👆 किसी भी पृष्ठ पर टैप करके बड़ा देखें
इन पाँच पुस्तकों के बाद आप कर पाएँगे:
ठोस, व्यावहारिक बदलाव — बिना मिस्त्री, बिना भारी खर्च।
हर कमरे की दिशा खुद जाँचना
मोबाइल कंपास से 16 दिशाओं का सरल विश्लेषण।
पलंग की सही दिशा तय करना
सिर किस ओर हो — नींद और स्वास्थ्य पर सीधा असर।
रसोई में अग्नि-जल संतुलन बैठाना
चूल्हा, सिंक और फ्रिज का सही स्थान।
दर्पण की सही स्थिति चुनना
सबसे आम गलती जो लगभग हर घर में होती है।
बाथरूम के दोष कम करना
जल निकास, दरवाज़े की स्थिति और सरल उपाय।
पूजा स्थान सही ढंग से बनाना
मूर्ति स्थापना, दिशा और क्रम के स्पष्ट नियम।
दिशा अनुसार रंग चुनना
हर कक्ष के लिए अलग — तत्व संतुलन के आधार पर।
फ्लैट में भी वास्तु लागू करना
छोटी जगह और तयशुदा नक्शे के लिए व्यावहारिक समाधान।
यह संग्रह सामान्य वास्तु किताब से अलग क्यों है
| विशेषता | यह संग्रह | सामान्य किताब |
|---|---|---|
| हर कक्ष के लिए अलग पूरी पुस्तक | ✔ | ✘ |
| बिना तोड़-फोड़ के व्यावहारिक उपाय | ✔ | ✘ |
| फ्लैट और छोटे घरों के लिए अलग समाधान | ✔ | ✘ |
| पहले से बने घर के लिए उपाय | ✔ | ✘ |
| बाथरूम पर पूरी अलग पुस्तक | ✔ | ✘ |
| चित्रों और दिशा-चार्ट सहित | ✔ | ✘ |
| आम गलतियाँ और उनके सुधार | ✔ | ✘ |
| सरल हिंदी, बिना कठिन शब्दजाल | ✔ | ✘ |
असली परिवार। असली बदलाव।
"हर कमरे की अलग किताब — यही सबसे अच्छी बात है। रसोई वाली पढ़कर चूल्हे और सिंक की जगह बदली, माहौल ही हल्का लगने लगा।"
"शयनकक्ष वाली पुस्तक में दर्पण की स्थिति पढ़ी। वही गलती वर्षों से हो रही थी। बदलने के बाद नींद बेहतर हुई।"
"2BHK फ्लैट है, सोचती थी वास्तु मेरे लिए नहीं। पर हर किताब में फ्लैट के लिए अलग सुझाव दिए हैं — यही चाहिए था।"
"बाथरूम पर पूरी किताब देखकर हैरान रह गया। किसी ने इस कमरे पर इतना विस्तार से नहीं लिखा।"
"सबसे अच्छी बात — कहीं तोड़-फोड़ की सलाह नहीं। सब कुछ स्थान बदलकर, रंग बदलकर ही ठीक हो गया।"
"हार्ड कॉपी मंगवाई। पाँचों किताबें अलग होने से जिस कमरे का काम हो वही उठा लेते हैं। चित्र भी बहुत स्पष्ट हैं।"
अपने घर का वास्तु आज से ठीक करना शुरू करें
बिना तोड़-फोड़, बिना मिस्त्री — कमरे-दर-कमरे सरल उपाय।
अपना विकल्प चुनिए
दोनों विकल्पों में पूरा 5-पुस्तक संग्रह मिलता है। हार्ड कॉपी के साथ सॉफ्ट कॉपी मुफ़्त।
- तुरंत Instant Access
- पाँचों पुस्तकें
- हर कक्ष के दिशा-चार्ट
- बिना तोड़-फोड़ वाले उपाय
- मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप पर
- आजीवन उपलब्ध
- पाँचों छपी हुई पुस्तकें घर तक
- 🎁 Soft Copy मुफ़्त (मूल्य ₹1,499)
- हर कक्ष की अलग पुस्तक
- 24–48 घंटे में डिस्पैच
- ट्रैकिंग लिंक भेजा जाएगा
- पूरे भारत में फ्री डिलीवरी
जो आप जानना चाहते हैं
हर कमरा ठीक हो — तो पूरा घर बदलता है
5 पुस्तकें · 5 मुख्य कक्ष · बिना तोड़-फोड़, बिना मिस्त्री, बिना भारी खर्च।